Brand Image : प्रोडक्ट कम समय में होगा वायरल, मार्केट में धूम मचाएगा
Brand Image भीड़ से भरे मार्केट प्लेस में ब्रांड की इमेज कस्टमर्स को प्रॉडक्ट की ओर आकर्षित करने में अहम रोल निभाता है। कोई भी ऐसे ब्रांड की तरफ रुख नहीं करेगा, जो खुद को रिप्रेजेंट तो अलग तरीके से करता हो और इस्तेमाल करने वक्त होता कुछ और ही हो। इसलिए ब्रांड इमेज पर बतौर बिज़नेसमैन आपका ध्यान देना बहुत जरूरी है। ब्रांड की इमेज के लिए बनाया गया विज्ञापन ठीक वैसा ही होना चाहिए, जैसा ब्रांड है। हर ब्रांड यही चाहता है कि उसका प्रोडक्ट कम समय में वायरल हो और मार्केट में धूम मचा दे।
लेकिन सिर्फ अच्छा प्रोडक्ट ही काफी नहीं होता — उसकी ब्रांडिंग उतनी ही जरूरी होती है। अगर ब्रांडिंग स्ट्रॉन्ग नहीं है, तो बेहतरीन प्रोडक्ट भी ज्यादा समय तक टिक नहीं पाता। इसका एक बड़ा उदाहरण है टाटा नैनो, जिसे “लखटकिया कार” के टैग से प्रमोट किया गया। लेकिन यही टैग लोगों की नजर में उसकी वैल्यू कम कर गया और वो एक सस्ती कार के रूप में ब्रांड हो गई, जिससे यूज़र्स का इंटरेस्ट कम हो गया। यही साबित करता है कि गलत ब्रांडिंग अच्छे प्रोडक्ट को भी असफल बना सकती है।

प्रोडक्ट की खास पहचान बनाने पर करें फोकस
आज के समय में भीड़ से भरे मार्केट प्लेस में ब्रांड की इमेज कस्टमर्स को प्रॉडक्ट की ओर आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाती है। कोई भी ऐसे ब्रांड की तरफ रुख नहीं करेगा, जो खुद को एक ही तरीके से रिप्रेजेंट करता हो। आपकी कंपनी और प्रोडक्ट के लिए इस बात का ध्यान रखें कि उनका नाम बहुत महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रोडक्ट को यदि आप वायरल करना चाहते हैं तो आपको उसकी खास तरह से ब्रांडिंग करनी चाहिए। आप अपने प्रोडक्ट का नाम ऐसा रखें जो कस्टमर को हमेशा के लिए याद हो जाए।
आप कुछ उदाहरण भी ले सकते हैं जैसे उजाला-चार बूंदो वाला, कैडबरी-कुछ मीठा हो जाए, ठंडा मतलब कोका कोला। इसी तरह आप कुछ टैगलाइन का उपयोग करके भी अपने प्रोडक्ट को यूनिक बना सकते हैं और उसका एक अच्छा नाम रख सकते हैं। साथ ही कस्टमर को इस बात का यकीन दिलाए कि अपका प्रॉडक्ट उसके लिए फायदे का ही सौदा है।

सही माध्यम का करें चुनाव
किसी भी प्रोडक्ट या ब्रांड को वायरल करने के लिए आपको सही माध्यम का चुनाव करना आना चाहिए। सही माध्यम के जरिए ही आप अपनी कंपनी की इमेज बनाने में कामयाब हो पाएंगे। विज्ञापन के अलग-अलग माध्यम अलग-अलग लक्ष्यों के लिए होते हैं। जैसे डिस्पले एड्स जागरूकता के लिए होते हैं, इनमें रेस्पॉन्स नहीं मिलता। मार्केटिंग गोल्स को तय करने में ये चीज़ें अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए आप पहले से ही तय कर लें कि आपको विज्ञापन के कौन से तरीकों का उपयोग करना है।

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इमेज के साथ न करें छेड़छाड़
कस्टमर किसी भी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उसका नाम, इमेज, रंग-रूप देखता है। कई लोग बड़े से बड़े प्रोडक्ट को उनके चित्र, रंग-रूप के आधार पर ही जानते हैं। जैसे मैगी को लोग केवल पील रंग के पैकेट देखकर ही पहचानते हैं। लाल कलर का टूथपेस्ट उनके लिए कोलगेट ही होता है, हर नूडल्स को मैगी ही कहा जाता है। यही नहीं आप अमूल और पारले जी बिस्कुट के पैकेट को भी देख सकते हैं। वो एक ही इमेज का प्रयोग आज भी कर रहे हैं क्योंकि कस्टमर उनके चित्र को देखकर ही उनके प्रोडक्ट का अनुमान लगाते हैं।
एप्पल कंपनी का मोबाइल लोग उसका लोगो देखकर ही खरीदते हैं। कस्टमर के दिमाग में किसी कंपनी का लेआउट, कलर और लोगो बड़ी मुश्किल से सेट होता है। ये सब चीज़ें भी स्टैंडर्ड कॉर्पोरेट मैन्युल के हिसाब से डिजाइन होती हैं। इसलिए इनमें बार-बार बदलाव न करें। इससे कस्टमर कंफ्यूज हो सकते हैं। ग्राहक के मन में अपनी कंपनी की ऐसी छवि तैयार करें। जो लंबे समय तक उसे याद रहे। इसलिए आप जब भी अपने प्रोडक्ट की ब्रांडिंग कर उसे वायरल करना चाहे तो आप इमेज का, रूप, रंग का ध्यान रखें।

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सही कंटेंट और कस्टमर का चुनाव करें
प्रमोशन करने से पहले जरूरी है कि आप अपनी ऑडियंस को अच्छी तरह से जान लें। उदाहरण के लिए अगर आप एक कपड़ों से जुड़े बिजनेस को प्रमोट करना चाहते हैं तो सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि आपकी कंपनी का उत्पाद किस तरह के लोग पहनना पसंद करेंगे। उसके हिसाब से ही टारगेट ऑडियंस को ध्यान में रखकर आप किसी भी तरह का प्रमोशन अपने लिए चुन सकते हैं। बहुत से बिज़नेसमैन अपने ब्रांड को वायरल करने के लिए डायरेक्ट प्रमोशन का सहारा लेते हैं जो कई बार नुकसानदायक बन जाता है। वो डायरेक्ट प्रमोशन में सही कंटेंट के अभाव में ऐसी जानकारी डाल देते हैं जिससे ब्रांड की छवि को नुकसान पहुंचता है।
अगर आप सोशल मीडिया पर अपने ब्रांड का प्रमोशन करने के लिए कोई पोस्ट डाल रहे हैं तो ध्यान रखें कि उसमें पूरी जानकारी हो। उसमें किसी ना किसी तरह कुछ इंफॉर्मेशन को देने की कोशिश करें ताकि लोग रुक कर आपकी पोस्ट देखें और उसके बाद आपकी वेबसाइट या आपके बिजनेस के बारे में सर्च करें। आप अपनी पोस्ट के साथ वीडियो में भी अच्छा कंटेंट डालकर पोस्ट करेंगे तो लोग और ज्यादा आपके प्रोडक्ट की ओर आकर्षित होंगे। एक अच्छा कंटेंट हमेशा प्रोडक्ट को वायरल करने में और ब्रांड के रूप में उसे स्थापित करने में अहम भूमिका निभाता है।
इमोशनल स्टोरी और जिंगल का करें प्रयोग
अगर आप अपने ब्रांड एवं प्रोडक्ट को वायरल करना चाहते हैं तो आपको इमोशनल स्टोरी और अच्छे जिंगल का प्रयोग करना चाहिए। कस्टमर प्रोडक्ट के फायदों को एक बार भूल भी जाता है लेकिन उसके जिंगल और स्टोरी उसे हमेशा याद रहते हैं। आप इसके लिए पेड मार्केटिंग का सहारा भी ले सकते हैं। आपने टीवी, रेडियो पर कई ऐड देखे और सुनें होंगे जिनमें इमोशनल स्टोरी और जिंगल्स का बहुत बेहतरीन ढंग से प्रयोग किया गया था। जैसे वॉशिंग पाउडर निरमा, मैंगो फ्रूटी फ्रेश एंड ज्यूसी, माउंटेडन डियू डर के आगे जीत है और लाइफ बॉय है जहां तंदरूस्ती है वहां इत्यादि।
ऐसे जिंगल्स आज भी लोगों की जुबान पर रटे हुए हैं। कई ब्रांड इमोशनल स्टोरी के जरिए भी कस्टमर के दिमाग पर गहरी छाप छोड़ते हैं इसमें से एक ऑल आउट का विज्ञापन था जहां एक घरेलू महिला के महत्व को दिखाया जाता है। यही नहीं प्लस पोलियो अभियान के एड को भी काफी भावनात्मक ढंग से बनाया गया था जिसमें अमिताभ बच्चन लोगों को पोलियों की खुराक लेने के लिए कभी प्यार से तो कभी डांट कर संबोधित करते हैं।


