US Saudi Arabia Arms Deal – 600 अरब डॉलर के ऐतिहासिक सौदे का हिस्सा है यह
US Saudi Arabia Arms Deal: अमेरिका और खाड़ी के प्रमुख मुस्लिम देश सऊदी अरब के बीच इतिहास का सबसे बड़ा हथियार सौदा हुआ है। इसके तहत अमेरिका सऊदी अरब को 124 अरब डॉलर के हथियार और युद्धक साजो-सामान डिलीवर करेगा। व्हाइट हाउस ने इस बारे में जानकारी दी है। यह हथियार बिक्री सऊदी अरब के साथ 600 अरब डॉलर के ऐतिहासिक सौदे का हिस्सा है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रियाद यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किया गया।
सुन्नी इस्लामिक मुल्क सऊदी अरब के साथ यह हथियार डील शिया ईरान के लिए खतरे की घंटी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरान को यह तय करने की जरूरत है कि वह परमाणु हथियार विकसित करके युद्ध करना चाहता है या शांति और व्यापारिक संबंध चुनना चाहता है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने शांति को अस्वीकार कर दिया तो हमारे पास परमाणु हथियार रखने से रोकने के लिए जरूरी कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा।

सऊदी को पहले दौरे के लिए चुना
डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की पहली राजकीय यात्रा पर मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद पहुंचे। हालांकि उन्हें पिछले महीने पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इटली जाना पड़ा था। इसके पहले साल 2016 में भी पहले कार्यकाल में डोनाल्ड ट्रंप ने पहली राजकीय यात्रा सऊदी अरब की ही थी। रियाद पहुंचने पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने स्वागत किया। अमेरिका से हथियार डील सऊदी अरब की रक्षा क्षमताओं में सुधार करेगा। ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ 1 ट्रिलियन डॉलर के व्यापार सौदे का लक्ष्य रखा है।
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सऊदी-इजरायल संबंध बहाल कराने की कोशिश
ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सऊदी अरब जल्द ही अब्राहम समझौते में शामिल होगा और ‘अपने समय में’ इजराइल को मान्यता देगा। ट्रंप और युवराज सलमान रॉयल कोर्ट में दोपहर के भोज में शामिल हुए, जिसमें मेहमान और सहयोगी भी शामिल हुए। ट्रंप का यह दौरा अमेरिका की मध्य पूर्व में फिर से वापसी को दिखाता है।

सीरियाई राष्ट्रपति शरा से की मुलाकात
ट्रंप ने बुधवार को सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से मुलाकात की और साथ ही सीरिया पर लगे प्रतिबंधों को भी हटा दिया। शरा एक पूर्व विद्रोही नेता हैं जो इराक में पकड़े जाने के बाद कई वर्षों तक अमेरिकी सेना की कैद में रहे थे। शरा ने बशर असद को पिछले साल सत्ता से बेदखल कर दिया था। व्हाइट हाउस ने बताया था कि ट्रंप ने सऊदी अरब में अपने प्रवास को समाप्त करने और कतर जाने से पहले अल-शरा से मिलने पर सहमति व्यक्त की थी। शरा से मुलाकात के बाद वह कतर की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। उनका संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जाने का भी कार्यक्रम है।


