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Reading: INFANT ATTRITION: 6 महीने के अंदर नौकरी छोड़ने का चलन बढ़ा
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WeStory > हिंदी न्यूज़ > INFANT ATTRITION: 6 महीने के अंदर नौकरी छोड़ने का चलन बढ़ा
हिंदी न्यूज़

INFANT ATTRITION: 6 महीने के अंदर नौकरी छोड़ने का चलन बढ़ा

INFANT ATTRITION: भारत में कर्मचारियों के नौकरी जॉइन करने के छह महीने के अंदर नौकरी छोड़ने का चलन बढ़ने लगा है। इसे 'इंफेंट एट्रिशन' कहा जाता है, जो तेजी से बढ़ रहा है।

WeStory Editorial Team
Last updated: 2024/09/03 at 11:44 AM
WeStory Editorial Team
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4 Min Read
INFANT ATTRITION
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INFANT ATTRITION – आईटी और सॉफ्टवेयर, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में ज्यादा

INFANT ATTRITION: भारत में कर्मचारियों के नौकरी जॉइन करने के छह महीने के अंदर नौकरी छोड़ने का चलन बढ़ने लगा है। इसे ‘इंफेंट एट्रिशन’ कहा जाता है, जो तेजी से बढ़ रहा है। हर साल यह दर 4-5 प्रतिशत तक बढ़ रही है। खासकर कन्ज्यूमर ड्यूरेबल, आईटी और सॉफ्टवेयर, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस (BFSI) जैसे सेक्टर में ऐसा है। टीमलीज सर्विसेज के चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर सुब्बुरथिनम पी के अनुसार भारत में 22-32 साल की उम्र के लोगों में इंफेंट एट्रिशन का चलन 4-5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। इसके पीछे के कारणों में खराब वर्क-लाइफ बैलेंस, लचीलेपन की कमी, नौकरी से असंतोष, एजुकेशन और कम वेतन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि युवा कर्मचारी इन वजहों से नौकरी छोड़कर बेहतर अवसरों की तलाश में रहते हैं।

Table of Contents
INFANT ATTRITION – आईटी और सॉफ्टवेयर, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर में ज्यादाविकास के अवसरों की कमीकुशल पेशेवरों की मांग बढ़ीइंफेंट एट्रिशन की दर 51 प्रतिशत तक पहुंचीये है कारण
INFANT ATTRITION
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विकास के अवसरों की कमी

इसके अलावा करियर के विकास के अवसरों की कमी, कंपनी की संस्कृति, ऑफिस का माहौल, मैनेजर के साथ संबंध और परिवार में होने वाले बदलाव भी नए कर्मचारियों को जल्दी नौकरी छोड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। सुब्बुरथिनम ने बताया कि ‘इंफेंट एट्रिशन’ का मतलब यह भी हो सकता है कि नौकरी के अवसर अधिक हैं, जिससे लोग नौकरी बदलने में आसानी महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत में 2000 के दशक की शुरुआत में आईटी सेक्टर में इंफेंट एट्रिशन का चलन ज्यादा देखने को मिला।

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INFANT ATTRITION
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कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ी

आईटी इंडस्ट्री की तेज वृद्धि के कारण कुशल पेशेवरों की मांग बढ़ी, जिससे कंपनियों के लिए नए कर्मचारियों को बनाए रखना मुश्किल हो गया। इस ट्रेंड का कंपनियों पर बड़ा वित्तीय असर भी पड़ता है, जिसमें भर्ती, प्रशिक्षण और काम की उत्पादकता में कमी शामिल है। अनुमान है कि इंफेंट एट्रिशन का योगदान सालाना कुल श्रम परिवर्तन का लगभग 10-15 प्रतिशत है। सुब्बुरथिनम के अनुसार, उपभोक्ता वस्त्र क्षेत्र में 49 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक इंफेंट एट्रिशन देखा जा रहा है, जहां नए कर्मचारी छह महीने के अंदर ही नौकरी छोड़ देते हैं।

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इंफेंट एट्रिशन की दर 51 प्रतिशत तक पहुंची

इसके अलावा, आईटी, सॉफ्टवेयर, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, बीमा, दूरसंचार, खुदरा और विनिर्माण क्षेत्रों में भी यह चलन देखा जा रहा है। दक्षिण भारत में यह ट्रेंड सबसे ज्यादा देखा जा रहा है, जहां इंफेंट एट्रिशन की दर 51 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। लिंग के आधार पर, पुरुषों में एट्रिशन दर 84.5 प्रतिशत और महिलाओं में 15.5 प्रतिशत है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, और तेलंगाना राज्यों में इंफेंट एट्रिशन की दर सबसे अधिक है।

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ये है कारण

– नौकरी छोड़ने का सबसे बड़ा कारण वेतन वृद्धि होता है। इससे असंतुष्‍ट होने पर कर्मचारी नौकरी छोड़ते हैं।
– कंपनी में ग्रोथ के मौकों के सीमित होना है। इसके कारण भी बड़ी संख्‍या में कर्मचारी नौकरी छोड़ते हैं।
– कई कर्मचारी उच्‍च शिक्षा हासिल करने के लिए नौकरी छोड़ते हैं।
– एक ही तरह की भूमिका निभाने के कारण कई कर्मचारी नौकरी छोड़ते हैं।
– बॉस के साथ नहीं बनने के कारण भी बड़ी संख्‍या में लोग नौकरी छोड़ देते हैं।
– खराब कार्य-जीवन संतुलन, लचीलापन, नौकरी से असंतुष्टि और अपर्याप्त वेतन
– जल्दी नौकरी छोडने का यह अर्थ है कि अधिक अवसर हैं, जिससे लोग नौकरी बदल सकते हैं।

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