Personality Grooming: करिअर के बाजार में मिलेगी अधिकतम कीमत
पर्सनैलिटी ग्रूमिंग का एक हिस्सा सार्वजनिक रूप से प्रजेंटेशन के लिए मेकअप कैसा हो इसकी जानकारी भी है। दरअसल हम किसी शादी पार्टी में जाते हैं या जब किसी बिजनेस मीटिंग में जाते हैं, तब एक ही तरीके से नहीं तैयार होते। शादी में जाने के वक्त या किसी दूसरे घरेलू फंक्शन के दौरान हम खूब कलरफूल होते हैं। लेकिन जब हम किसी बिजनेस मीटिंग के लिए जाते हैं तो हमें अपना मेकअप बहुत सौम्य रखना पड़ता है ताकि यह सामने वाले शख्स को इरिटेट न करे। दरअसल हमारा आक्रामक मेकअप दूसरों को मानसिक रूप से परेशान करता है।
परीक्षा में करीने से ट्रिम दाढ़ी
अगर आप दाढ़ी रखते हैं तो रखिए, इसमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जब किसी महत्वपूर्ण चयन परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं तो ध्यान रखिए कि आपकी दाढ़ी साफ सुथरी और करीने से ट्रिम होनी चाहिए। आपकी दाढ़ी को देखकर ऐसा नहीं लगना चाहिए कि महीनों से आपने इसे धोया नहीं है, न ही कंघी की है। इसी तरह आपके नाखून भी सामने वाले पर आपकी शख्सियत का प्रभाव छोड़ते हैं। भले आपको लगता हो कि कौन आपकी अंगुलियों पर अपनी आंखें गड़ाए है, लेकिन आपको पता ही नहीं चलता कि कब आंखें चुपके से अंगुलियां देख लेती हैं और इस दौरान यदि आपके नाखून बढ़े हों, बेतरतीब हों या गंदे दिख रहे हों तो उनका असर आपके मूल्यांकन में अच्छा नहीं पड़ता। इसी तरह हमारी त्वचा भी सामने वाले को प्रभावित करती है। इसलिए जब हम कहीं इंटरव्यू देने जाएं तो हमारी त्वचा मॉश्चराइज दिखनी चाहिए। उसमें एक तरह का ग्लो दिखना चाहिए।

ट्रेनिंग से आते हैं गुण
जिंदगी में कामयाबी के लिए प्रतिभा की दरकार तो होती ही है, पर्सनैलिटी ग्रूमिंग भी बहुत जरूरी होती है और यह भी बकायदा ट्रेनिंग से आती है, जन्मजात हर किसी में इसके कुछ गुण हो सकते हैं। लेकिन रोजगार और करिअर के बाजार में शानदार सफलता पाने के लिए करिअर काउंसलर इसे सीखने की जरूरत पर जोर देते हैं। निश्चित रूप से आपके बारे में आपके विचार सब कुछ बताते हैं। लेकिन उन विचारों को व्यक्त करने का तरीका और उस दौरान आपका व्यक्तित्व भी निर्णायक असर डालता है। कुल मिलाकर इसे इस तरीके से समझें कि आप कितने ही साफ सुथरा क्यों न हों, लेकिन नहाने के बाद आपमें जो फ्रेशनेस महसूस होती है, वह बिना नहाए नहीं आती। इसलिए आप कितने भी प्रतिभाशाली हों, लेकिन करिअर के बाजार में अपनी अधिकतम कीमत पाने के लिए अपनी पर्सनैलिटी की ग्रूमिंग जरूर करनी चाहिए। लेकिन ध्यान रखें पर्सनैलिटी का मतलब सिर्फ चेहरा नहीं है, आपकी समूची बॉडी है।
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कॉन्फिडेंस शानदार होता है
वेल ड्रेस होना इसलिए जरूरी है, क्योंकि जब आप वेल ड्रेस होते हैं, तो आपका खुद का कॉन्फिडेंस तो शानदार होता ही है, आप दूसरों को भी अच्छे लगते हैं। इसीलिए करिअर काउंसलर ड्रेस सेंस को पर्सनैलिटी ग्रूमिंग का खास हिस्सा मानते हैं। यूपीएससी का रिटर्न एग्जाम क्लीयर करने वालों को इन दिनों तमाम कोचिंग संस्थान इंटरव्यू के लिए जो प्रजेंटेशन के तौर तरीके सिखाते हैं, दरअसल वह पर्सनैलिटी ग्रूमिंग ही होती है जिसमें हमेशा बताया जाता है कि इंटरव्यू देने के लिए जाते समय आपकी शर्ट, आपकी टाई, आपका कोट और पैंट किस तरह आपकी पर्सनैलिटी को निखारने वाले लगने चाहिए। इसलिए सामान्य बोलचाल में भी हम घर में पहनने वाली ड्रेस को घरेलू ड्रेस और ऑफिस में पहनकर जाने वाले कपड़ों को लिए फॉर्मल ड्रेस कहते हैं।
हावभाव के जरिये बोलते हैं
यह बात तो हम सब जानते ही हैं कि हम जितना कुछ मुंह से बोलते हैं, उससे कम से कम तीन गुना ज्यादा हमारे शरीर के विभिन्न अंग अपने हावभाव के जरिये बोलते हैं। इसलिए करिअर काउंसलर बॉडी लैंग्वेज को बहुत महत्वपूर्ण मानते हैं। दरअसल यह शरीर की वो भाषा होती है, जिसमें आप झूठ नहीं बोल सकते। इसलिए विभिन्न संस्थानों में चयन के लिए होने वाले इंटरव्यूज के दौरान उम्मीदवार की बॉडी लैंग्वेज पर खास फोकस किया जाता है। पर्सनैलिटी ग्रूमिंग की ट्रेनिंग के दौरान हमें यह सिखाया जाता है कि हम अपने शारीरिक भाव भंगिमाओं के साथ किस तरह तालमेल बनाएं कि हम जो कुछ मुंह से बोल रहे हों, उसकी पुष्टि हमारे हावभाव भी करें।


