Narendra Modi, Madhav Netralaya : माधव नेत्रालय की आधारशिला रखने के बाद बोले मोदी
Narendra Modi, Madhav Netralaya – प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आरएसएस को भारत की अमर संस्कृति एवं आधुनिकीकरण का ऐसा ‘वट वृक्ष’ बताया जिसके आदर्श और सिद्धांत राष्ट्रीय चेतना की रक्षा करना हैं। यह विशाल वटवृक्ष कोई साधारण वटवृक्ष नहीं है। आरएसएस सेवा का पर्याय है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ की आधारशिला रखने के बाद कहा कि आज भारत ‘गुलाम मानसिकता’ और गुलामी के प्रतीकों को त्यागकर आगे बढ़ रहा है। ‘माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर’ को नागपुर स्थित माधव नेत्रालय नेत्र संस्थान एवं अनुसंधान केंद्र का विस्तार करके बनाया गया है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम का हमारा मंत्र दुनिया के सभी कोनों तक पहुंच रहा है। आरएसएस के स्वयंसेवक देश के विभिन्न क्षेत्रों एवं हिस्सों में नि:स्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। माधव नेत्रालय की स्थापना 2014 में हुई थी और यह एक प्रमुख ‘सुपर-स्पेशलिटी’ नेत्र चिकित्सा केंद्र है।
इस संस्थान की स्थापना दिवंगत आरएसएस प्रमुख माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उर्फ गुरुजी की स्मृति में की गई थी। मोदी ने इसे दूसरे आरएसएस प्रमुख गोलवलकर के आदर्शों के आधार पर कई दशकों से समाज की सेवा करने वाली संस्था बताया। उन्होंने कहा कि यह नयी परियोजना लोगों के जीवन में अंधकार को समाप्त करेगी और सेवा को गति देगी। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे। मोदी ने कहा कि गरीब से गरीब व्यक्ति के लिए सबसे अच्छा चिकित्सकीय उपचार सुनिश्चित करना सरकार की नीति है। उनकी सरकार में एम्स की संख्या में तीन गुना वृद्धि हुई है। हमारी सरकार लोगों को अधिक और बेहतर चिकित्सक उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। ‘आयुष्मान भारत’ योजना के कारण करोड़ों लोगों को नि:शुल्क चिकित्सकीय उपचार मिल रहा है।

लक्ष्य के करीब पहुंच रहा भारत
मोदी ने कहा कि पिछले 100 साल में आरएसएस की संगठन एवं समर्पण की तपस्या रंग ला रही है और देश 2047 में विकसित भारत बनने के अपने लक्ष्य के करीब पहुंच रहा है। 1925-47 संकट का दौर था, उस समय देश आजादी के लिए लड़ रहा था और अब 100 साल बाद आरएसएस एक और मील के पत्थर पर कदम रख रहा है। 2025 से 2047 तक का समय महत्वपूर्ण है क्योंकि हमारे सामने बड़े लक्ष्य हैं। हमें एक मजबूत और विकसित भारत के अगले 1,000 साल के लिए आधारशिला रखनी है। युवाओं की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है, वे ‘स्टार्ट-अप’ में नवोन्मेष कर रहे हैं और अपनी विरासत पर गौरवान्वित भी हो रहे हैं। करोड़ों युवा महाकुंभ गए, उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को सफल बनाया और ‘लोकल के लिए वोकल’ बन गए। युवा खेल से लेकर अंतरिक्ष तक राष्ट्र निर्माण में भाग ले रहे हैं।

म्यांमा की मदद के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू
मोदी ने कहा कि भारत ने हाल में म्यांमा में आए भीषण भूकंप से हुए नुकसान से उबरने में मदद करने के लिए ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ शुरू किया है और कई देशों को कोविड-19 के टीके उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने लोगों को गुढ़ी पाड़वा, उगादि, नवरात्रि की शुरुआत और देश भर में मनाए जा रहे अन्य त्योहारों की शुभकामनाएं दीं।
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आंबेडकर को दी श्रद्धांजलि
मोदी ने कहा कि उन्होंने नागपुर में दीक्षाभूमि में भारतीय संविधान के मुख्य वास्तुकार डॉ। बी आर आंबेडकर को श्रद्धांजलि दी। आंबेडकर की जयंती अगले महीने है। राष्ट्र इस वर्ष संविधान के 75 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है और आरएसएस (अपनी स्थापना के) 100 वर्ष पूरे कर रहा है। माधव नेत्रालय स्वास्थ्य क्षेत्र को गति दे रहा है और सरकार की प्राथमिकता सभी वर्गों के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए कार्य करना सरकार की नीति है। गरीब और मध्यम वर्ग को सस्ती दवाएं मिल रही हैं और पिछले 10 साल में आयुष्मान आरोग्य मंदिर ग्रामीण क्षेत्रों में दैनिक आधार पर चिकित्सकीय परामर्श प्रदान कर रहे हैं।

मातृभाषा में देंगे चिकित्सकीय शिक्षा
प्रधानमंत्री ने अधिक और बेहतर चिकित्सक उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उनकी सरकार ने छात्रों के लिए उनकी मातृभाषा में चिकित्सकीय शिक्षा उपलब्ध कराए जाने का फैसला किया है ताकि गरीब परिवारों के लोग भी चिकित्सक बन सकें।
निस्वार्थ सेवा की विचारधारा से प्रेरित माधव नेत्रालय – भागवत
भागवत ने कहा कि माधव नेत्रालय ने लोगों के कल्याण के लिए कई साल तक कड़ी मेहनत की है। यह संघ की निस्वार्थ सेवा की विचारधारा से प्रेरित है। यह अच्छा नहीं लगता कि लोग स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हों और इसलिए आरएसएस के स्वयंसेवकों ने माधव नेत्रालय में जरूरतमंदों को दृष्टि प्रदान करने के लिए निस्वार्थ भाव से काम किया है। आरएसएस के स्वयंसेवक अपने लिए कुछ नहीं चाहते बल्कि समाज में दूसरों के लिए काम करते हैं। उन्होंने कहा कि सेवा ही आरएसएस का मिशन है।